रनभाठा की बेटी सिम्मी नन्दे ने रचा सफलता का नया अध्याय, NEET UG में 426 अंक हासिल कर MBBS में चयन
गांव की बेटी ने मेहनत और लगन के दम पर हासिल किया मुकाम, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज कुनकुरी-जशपुर में मिली MBBS की सीट
रायगढ़ :- छत्तीसगढ़ के छोटे से गांव रनभाठा की होनहार बेटी साक्षी नन्दे (सिम्मी) ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर सफलता की ऐसी मिसाल कायम की है, जिस पर आज पूरा परिवार और गांव गर्व महसूस कर रहा है। सिम्मी नन्दे ने NEET UG 2026 में 426 अंक हासिल कर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, कुनकुरी-जशपुर में MBBS की सीट प्राप्त की है। उनकी इस शानदार उपलब्धि की खबर सामने आते ही परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।
सिम्मी की सफलता केवल एक परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन तमाम ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखते हैं। छोटे से गांव से निकलकर देश की सबसे कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET UG में सफलता हासिल करना निश्चित रूप से गौरव की बात है।
मेहनत को बनाया हथियार, लक्ष्य को बनाया अपना संकल्प
साक्षी नन्दे ने अपने लक्ष्य को लेकर लगातार मेहनत की और पढ़ाई के प्रति पूरी तरह समर्पित रहीं। NEET जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए जिस लगन, अनुशासन और निरंतर प्रयास की आवश्यकता होती है, सिम्मी ने उसे अपनी तैयारी का आधार बनाया।
उनकी मेहनत का परिणाम उस समय सामने आया, जब NEET UG 2026 में 426 अंक हासिल कर उन्होंने मेडिकल कॉलेज में MBBS प्रवेश का रास्ता तय किया। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे हासिल करने का जुनून हो तो गांव की गलियों से निकलने वाली प्रतिभा भी बड़े मुकाम तक पहुंच सकती है।
गांव की बेटी के डॉक्टर बनने की ओर पहला कदम
MBBS में प्रवेश मिलने के साथ ही सिम्मी नन्दे ने डॉक्टर बनने की दिशा में अपना पहला बड़ा कदम बढ़ा दिया है। अब वह गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, कुनकुरी-जशपुर में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करेंगी और भविष्य में चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।
सिम्मी की इस उपलब्धि से उनके माता-पिता राजेंद्र नन्दे एवं श्रीमती सीमा नन्दे का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है। बेटी की इस सफलता ने परिवार की वर्षों की मेहनत और उसके सपनों को एक नई उड़ान दी है।
रनभाठा में खुशी और गर्व का माहौल
सिम्मी नन्दे के MBBS में चयन की खबर से रनभाठा गांव में खुशी की लहर है। ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने उनकी सफलता पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। लोगों का कहना है कि गांव की बेटी का मेडिकल कॉलेज में चयन होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
सिम्मी की सफलता गांव के उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी, जो डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी और अन्य बड़े पदों पर पहुंचने का सपना देखते हैं। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि सफलता के लिए बड़े शहर में पैदा होना जरूरी नहीं, बल्कि बड़े लक्ष्य के लिए बड़ी मेहनत करना जरूरी है।
बेटियों के सपनों को उड़ान देने की मिसाल
साक्षी नन्दे की सफलता बेटियों की शिक्षा और उनके सपनों को आगे बढ़ाने की दिशा में भी एक सकारात्मक संदेश देती है। जब परिवार अपनी बेटी की शिक्षा को प्राथमिकता देता है और उसे अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का अवसर देता है, तो वही बेटी परिवार के साथ-साथ पूरे समाज का नाम रोशन करती है।
सिम्मी ने अपनी उपलब्धि से यह साबित कर दिया है कि गांव की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। आवश्यकता केवल उन्हें अवसर, प्रोत्साहन और अपने सपनों को पूरा करने के लिए मजबूत समर्थन देने की है।
सिम्मी की सफलता ने बढ़ाया रनभाठा का मान
NEET UG 2026 में 426 अंक हासिल कर MBBS में प्रवेश प्राप्त करने वाली साक्षी नन्दे (सिम्मी) की यह उपलब्धि निश्चित रूप से उनके परिवार के लिए गर्व और पूरे रनभाठा गांव के लिए सम्मान का विषय है।
आज रनभाठा की इस बेटी ने अपने नाम के साथ अपने गांव का नाम भी नई पहचान के साथ जोड़ा है। उनकी सफलता आने वाले समय में क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
मेहनत से मंजिल हासिल करने वाली सिम्मी अब डॉक्टर बनने के सफर पर निकल पड़ी हैं। गांव की मिट्टी से निकलकर मेडिकल कॉलेज तक पहुंची यह बेटी आने वाले दिनों में अपनी प्रतिभा और सेवा भावना से एक नई पहचान बनाए—इसी शुभकामना के साथ साक्षी नन्दे (सिम्मी) को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।













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