कुष्ठ रोग से मुड़ी उंगलियों को RCS सर्जरी से मिला नया जीवन घरघोड़ा के परमेश्वर दास की उंगलियों में हुआ उल्लेखनीय सुधार, अन्य कुष्ठ मरीजों में जगी उम्मीद

घरघोड़ा :- कुष्ठ रोग के कारण हाथ की उंगलियों में आई विकृति के चलते दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना कर रहे ग्राम छोटेगुमड़ा निवासी 46 वर्षीय श्री परमेश्वर दास के लिए स्वास्थ्य विभाग की पहल नई उम्मीद लेकर आई है। RCS (Reconstructive Surgery) ऑपरेशन और नियमित पुनर्वास के बाद उनके बाएं हाथ की मुड़ी हुई उंगलियों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

श्री परमेश्वर दास के बाएं हाथ की रिंग फिंगर एवं लिटिल फिंगर कुष्ठ रोग के कारण मुड़ गई थीं। इस स्थिति के कारण उन्हें हाथ के उपयोग में परेशानी होती थी। मरीज की स्थिति को देखते हुए खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा, डॉ. एस. आर. पैकरा के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीज एवं परिजनों की काउंसलिंग की और उन्हें RCS सर्जरी के लिए प्रेरित किया।

इस कार्य में डॉ. ईश्वर प्रसाद खड़बन्धे (फिजियोथैरेपिस्ट), श्री बी. एस. नायक (NMA), श्री उत्तम सिंह सिदार एवं श्री लक्ष्मीकांत गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम द्वारा मरीज को RCS सर्जरी के लाभ एवं ऑपरेशन के बाद आवश्यक पुनर्वास के संबंध में विस्तार से समझाइश दी गई।

मरीज का 28 अप्रैल 2026 को जिला अस्पताल में RCS ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के पश्चात स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नियमित रीहैबिलिटेशन एवं फिजियोथेरेपी कराई गई। निरंतर पुनर्वास के परिणामस्वरूप उनकी उंगलियों की स्थिति में सुधार आया और हाथ के उपयोग में भी बेहतर परिणाम प्राप्त हुए।

            अब सामान्य जीवन जीने की ओर अग्रसर

उपचार एवं पुनर्वास के बाद श्री परमेश्वर दास अब स्वयं को पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। उनके हाथ की उंगलियों में हुए सुधार से वे काफी संतुष्ट हैं। मरीज की इस सफलता से अन्य कुष्ठ रोग से प्रभावित मरीजों में भी RCS सर्जरी एवं पुनर्वास को लेकर विश्वास और आशा बढ़ी है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कुष्ठ रोग के कारण हाथ-पैर में विकृति होने पर मरीजों को निराश होने की आवश्यकता नहीं है। समय पर पहचान, उचित उपचार, काउंसलिंग, आवश्यकतानुसार RCS सर्जरी तथा नियमित पुनर्वास के माध्यम से विकृति में सुधार लाया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुष्ठ रोग से प्रभावित मरीजों से अपील की गई है कि बीमारी को छिपाएं नहीं और हाथ-पैर में किसी प्रकार की विकृति अथवा नसों से संबंधित समस्या होने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

परमेश्वर दास की सफलता इस बात का उदाहरण है कि सही समय पर उपचार, RCS सर्जरी और निरंतर पुनर्वास से कुष्ठ रोग से उत्पन्न विकृति के बावजूद मरीज को बेहतर एवं सम्मानजनक जीवन की ओर वापस लाया जा सकता है। 

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