100 साल पुराने श्री जगन्नाथ मंदिर से निकली भव्य रथ यात्रा, जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंज उठा घरघोड़ा

रथ के आगे नाचते-गाते निकली कीर्तन पार्टी, हजारों श्रद्धालुओं ने खींचा भगवान का रथ; मौसी के घर पहुंचे प्रभु श्री जगन्नाथ

घरघोड़ा :- नगर में शुक्रवार को भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एवं बहन माता सुभद्रा की पावन रथ यात्रा बड़े ही धूमधाम, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ निकाली गई। श्री जगन्नाथ मंदिर, घरघोड़ा से दोपहर 3 बजे भगवान की भव्य रथ यात्रा प्रारंभ हुई। रथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला और पूरा नगर “जय जगन्नाथ” के जयघोष से गूंज उठा।

रथ यात्रा के आगे कीर्तन पार्टी नाचते-गाते हुए भजनों की प्रस्तुति दे रही थी। ढोल-मंजीरे और भक्ति गीतों की धुन पर कीर्तन पार्टी के सदस्य झूमते हुए चल रहे थे। भजनों और जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कीर्तन पार्टी के साथ श्रद्धालु भी भक्ति में लीन होकर नाचते-गाते नजर आए।

श्री जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ हुई रथ यात्रा हनुमान चौक होते हुए स्टेट बैंक मार्ग से जय स्तंभ चौक पहुंची। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा का स्वागत किया और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं में भगवान का रथ खींचने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।

 100 वर्ष पुराने मंदिर से निकली ऐतिहासिक रथ यात्रा

इस वर्ष की रथ यात्रा का महत्व और भी विशेष रहा। श्री जगन्नाथ मंदिर, घरघोड़ा का निर्माण वर्ष 1926 में हुआ था और वर्ष 2026 में मंदिर ने अपनी गौरवशाली 100 वर्ष की ऐतिहासिक यात्रा पूर्ण की है। एक शताब्दी से यह मंदिर घरघोड़ा सहित पूरे क्षेत्र की आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

               भगवान पहुंचे अपनी मौसी के घर

रथ यात्रा के पश्चात भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एवं माता सुभद्रा अपने मौसी के घर पहुंचे। विगत कई वर्षों से भगवान का मौसी घर स्वर्गीय लोचन गुप्ता जनरल स्टोर के संचालक श्री बैजनाथ गुप्ता के निवास पर बनाया जाता है। यहां भगवान के पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर दर्शन किए और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

 24 जुलाई को होगी भगवान की वापसी रथ यात्रा

परंपरा के अनुसार भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा दशमी तिथि, शुक्रवार 24 जुलाई 2026 को पुनः रथ पर सवार होकर अपने निवास श्री जगन्नाथ मंदिर लौटेंगे। वापसी रथ यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।

                   पंडित गिरिधर पंडा ने कहा

पंडित गिरिधर पंडा ने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा घरघोड़ा की वर्षों पुरानी आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है। इस वर्ष श्री जगन्नाथ मंदिर के 100 वर्ष पूर्ण होने के कारण यह रथ यात्रा ऐतिहासिक और विशेष रही। भगवान श्री जगन्नाथ सभी श्रद्धालुओं पर अपनी कृपा बनाए रखें और क्षेत्र में सुख, शांति एवं समृद्धि प्रदान करें। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए 24 जुलाई को होने वाली वापसी रथ यात्रा में भी अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया। 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

चोरी हुआ ट्रैक्टर घरघोड़ा पुलिस ने जंगल से बरामद किया, चार आरोपी गिरफ्तार