"गांव-गांव जल रही कानूनी जागरूकता की मशाल: अधिवक्ता पंकज कुमार वारे, और जूनियर साथी प्रवीण हँसराज  की निःशुल्क मुहिम से ग्रामीण हो रहे सशक्त"

घरघोड़ा :-  न्याय केवल अदालतों की चारदीवारी तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसी उद्देश्य को लेकर घरघोड़ा तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में इन दिनों एक अनूठी और प्रेरणादायक कानूनी जागरूकता मुहिम संचालित की जा रही है। युवा अधिवक्ता पंकज कुमार वारे, और जूनियर साथी प्रवीण हँसराज द्वारा पूरी तरह निःशुल्क रूप से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों, कानूनी प्रावधानों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

यह पहल वर्तमान में घरघोड़ा तहसील के विभिन्न ग्राम पंचायतों में निरंतर जारी है, जहां अधिवक्ताओं की टीम गांव-गांव पहुंचकर चौपालों, सामुदायिक भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर रही है। इस दौरान लोगों को भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामलों, महिला एवं बाल अधिकार, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध, पुलिस प्रक्रिया, सामाजिक न्याय, शासकीय योजनाओं तथा आम नागरिकों के कानूनी अधिकारों के संबंध में सरल एवं सहज भाषा में जानकारी प्रदान की जा रही है।

अधिवक्ताओं का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बड़ी संख्या में लोग कानूनी जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। कई बार जानकारी के अभाव में लोग शोषण, अन्याय और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करते हैं। ऐसे में यह अभियान ग्रामीणों को जागरूक, संगठित और सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।

युवा अधिवक्ता पंकज कुमार वारे ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल कानूनी सलाह देना नहीं, बल्कि ग्रामीणों के भीतर अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता और आत्मविश्वास पैदा करना है। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति को अपने अधिकारों और कानून की जानकारी होती है, तब वह अन्याय के विरुद्ध मजबूती से खड़ा हो सकता है तथा समाज में सकारात्मक बदलाव का सहभागी बनता है।

वहीं प्रवीण हँसराज ने कहा कि न्याय व्यवस्था का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब कानून की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। ग्रामीणों को जागरूक करना सामाजिक दायित्व भी है और लोकतंत्र को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम भी। उन्होंने कहा कि कानूनी साक्षरता ही एक ऐसा हथियार है जो लोगों को अपने अधिकारों की रक्षा करने के लिए सक्षम बनाता है।

अधिवक्ता पंकज वारे (छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय) ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। लोगों को सही मार्गदर्शन मिलने से अनावश्यक विवादों में कमी आती है तथा न्यायिक प्रक्रिया के प्रति विश्वास बढ़ता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज सेवा और जनहित की भावना से संचालित किया जा रहा है।

इस निःस्वार्थ पहल को ग्राम पंचायतों एवं ग्रामीणों का भरपूर समर्थन और सराहना मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिवक्ताओं का स्वयं गांवों में पहुंचकर बिना किसी शुल्क के कानूनी जानकारी देना अत्यंत सराहनीय कार्य है। इससे लोगों में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।

घरघोड़ा तहसील के गांवों में चल रही यह निःशुल्क कानूनी जागरूकता मुहिम आज ग्रामीणों के लिए आशा, अधिकार और न्याय की नई किरण बनकर उभर रही है। समाज सेवा की भावना से प्रेरित अधिवक्ताओं की यह पहल निश्चित रूप से ग्रामीण अंचलों में जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 

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