“नीले रंग में रंगा
घरघोड़ा, सड़कों पर उतरा जनसागर—आंबेडकर जयंती पर दिखी ऐतिहासिक एकता”
भव्य रैली और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
घरघोड़ा। परमपूज्यनीय भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती इस वर्ष घरघोड़ा में ऐतिहासिक उत्साह, श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाई गई। पूरा नगर नीले रंग में रंगा नजर आया और हर ओर “जय भीम” के गगनभेदी नारे गूंजते रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत हाई स्कूल मैदान से बीआर ब्रदर धूमाल की दमदार प्रस्तुति के साथ हुई, जिसने माहौल को ऊर्जा और जोश से भर दिया। इसके बाद विशाल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रैली में शामिल लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था
रैली की खास आकर्षण रही विभिन्न सांस्कृतिक झांकियां और लोक नृत्य प्रस्तुतियां। कर्मा नृत्य, फगुरम और सुआ
नृत्य ने पारंपरिक संस्कृति की झलक पेश की, वहीं भगवान बुद्ध, जोड़ा जैत खाम और बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर की सजीव झांकियों ने सभी का मन मोह लिया। झांकियों के माध्यम से सामाजिक समरसता, समानता और शिक्षा के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
यह भव्य रैली हाई स्कूल मैदान से प्रारंभ होकर कारगिल चौक, जयस्तंभ चौक होते हुए अम्बेडकर चौक पहुंची, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे मार्ग में जगह-जगह लोगों ने रैली का स्वागत किया और श्रद्धा के साथ बाबा साहेब को नमन किया।
अम्बेडकर चौक पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने बाबा साहेब के जीवन, उनके संघर्ष और संविधान निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए समाज को उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। वक्ताओं ने शिक्षा, समानता और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
इस आयोजन ने न केवल बाबा साहेब के प्रति लोगों की गहरी आस्था को प्रदर्शित किया, बल्कि सामाजिक एकता और जागरूकता का भी सशक्त संदेश दिया। घरघोड़ा में
इस भव्य आयोजन ने यह साबित कर दिया कि बाबा साहेब के विचार आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।






टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें