शासकीय महाविद्यालय घरघोड़ा के बी.ए. अंतिम वर्ष भूगोल के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण संपन्न
घरघोड़ा। शासकीय महाविद्यालय घरघोड़ा के प्राचार्य डॉ. पी.के. अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो. संतोष देवांगन के कुशल नेतृत्व में महाविद्यालय के बी.ए. अंतिम वर्ष भूगोल के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
महाविद्यालय में प्रतिवर्ष भूगोल विषय के विद्यार्थियों को भौगोलिक, पर्यावरणीय एवं सांस्कृतिक स्थलों के प्रत्यक्ष अध्ययन हेतु शैक्षणिक भ्रमण कराया जाता है, जिससे विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त हो सके।
भ्रमण की प्रथम कड़ी में विद्यार्थियों ने तुर्री धाम का दर्शन किया, जो भगवान शिव का एक प्रसिद्ध और आस्था का केंद्र है। यहां स्थित प्राकृतिक वातावरण तथा नदी तट का दृश्य अत्यंत मनमोहक और रमणीय था, जिसने सभी विद्यार्थियों को विशेष रूप से आकर्षित किया। इसके पश्चात विद्यार्थियों को अकलतरा के समीप स्थित कोटमी सोनार ले जाया गया, जो मगरमच्छ संरक्षण के लिए प्रसिद्ध स्थल है। यहां विद्यार्थियों ने झील में विचरण करते हुए मगरमच्छों को अपनी आंखों से देखा तथा उनके संरक्षण और जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। परिसर में स्थापित झूले एवं अन्य मनोरंजक साधनों का भी विद्यार्थियों ने आनंद लिया।
इसके उपरांत विद्यार्थियों ने बिलासपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध कानन पेंडारी प्राणी उद्यान का भ्रमण किया। यहां विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के जंगली जीव-जंतुओं और पक्षियों के बारे में जानकारी दी गई। प्राणी उद्यान में विद्यार्थियों ने बाघ, तेंदुआ, शेर, हिरण, नीलगाय, मगरमच्छ, दरियाई घोड़ा, लकड़बग्घा, शुतुरमुर्ग, मोर सहित अनेक प्रकार के वन्यजीवों और पक्षियों को देखा तथा उनके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। इस स्थल ने विद्यार्थियों को जैव विविधता एवं वन्यजीव संरक्षण के महत्व को समझने का अवसर प्रदान किया।
इसके पश्चात सभी विद्यार्थी रतनपुर के समीप स्थित खूंटाघाट बांध पहुंचे, जहां उन्होंने बांध की संरचना एवं जल संसाधन प्रबंधन को निकट से देखा और उससे संबंधित जानकारी प्राप्त की। प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण इस स्थल ने सभी विद्यार्थियों को अत्यंत प्रभावित किया।
भ्रमण की अंतिम कड़ी में सभी विद्यार्थी ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के नगर रतनपुर पहुंचे। यहां सबसे पहले पहाड़ी पर स्थित लखनी देवी मंदिर का दर्शन किया गया, जहां से दिखाई देने वाला प्राकृतिक दृश्य अत्यंत मनोहारी था। विद्यार्थियों ने यहां माता लक्ष्मी से आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात सभी विद्यार्थी रतनपुर स्थित प्रसिद्ध महामाया मंदिर पहुंचे। उस समय रात्रि के लगभग 8:00 बजे रहे थे। सभी विद्यार्थियों ने श्रद्धापूर्वक महामाया माता के दर्शन किए और मंदिर परिसर में कुछ समय बैठकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया। मंदिर की भव्यता एवं चारों ओर स्थित सुंदर तालाबों का दृश्य सभी को अत्यंत आकर्षक लगा। अगले दिन सुबह 5.00 बजे तक सभी विद्यार्थी वापस महाविद्यालय पहुंच गए।
इस प्रकार यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं मनोरंजक सिद्ध हुआ। इस सफल आयोजन में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो. नीलकमल निराला, प्रो. भोज कुमारी पटेल तथा कंप्यूटर ऑपरेटर कु. शिवानी सोनी ने सहयोगी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न भौगोलिक, पर्यावरणीय एवं सांस्कृतिक स्थलों का प्रत्यक्ष अध्ययन किया, जिससे उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ। सभी विद्यार्थियों ने इस शैक्षणिक यात्रा की सराहना करते हुए महाविद्यालय प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।
महाविद्यालय परिवार ने इस सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं और उनके ज्ञान को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



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