घरघोड़ा महाविद्यालय में जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया
घरघोड़ा।शासकीय महाविद्यालय घरघोड़ा में “जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य जनजातीय समाज की सांस्कृतिक गौरव-गाथा, जीवन-शैली, ऐतिहासिक धरोहर एवं सामाजिक विकास की संभावनाओं पर विद्यार्थियों को सम्यक ज्ञान प्रदान करना था।
यह कार्यक्रम हिन्दी विभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं आइक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में संयोजित था ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सुशील कुमार एक्का प्राचार्य शासकीय पीडी कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय रायगढ़, विशिष्ट वक्ता डॉ. पतरस किण्डो प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय पुसौर तथा विशिष्ट वक्ता डॉ. बालकिशोर भगत सहायक प्राध्यापक हिंदी शासकीय किशोरीमोहन त्रिपाठी कन्या महाविद्यालय रायगढ़ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापिक डॉ. श्रुति श्रीवास्तव द्वारा अत्यंत सुमधुर, संयोजित एवं प्रभावपूर्ण शैली में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के कर-कमलों द्वारा मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात् छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने वातावरण को पावन एवं मंगलमय बना दिया। तत्पश्चात् पुष्पगुच्छ प्रदान कर अतिथियों का स्वागत किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पवन कुमार अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन एवं आशीर्वचन प्रदान करते हुए जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक गरिमा और ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. चन्द्रशेखर सिंह (कार्यक्रम संयोजक) ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के सांस्कृतिक खण्ड में विद्यार्थियों द्वारा जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति को प्रतिबिम्बित करते हुए उत्कृष्ट नृत्य प्रस्तुतियां दी गईं। साथ ही रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन तथा जनजातीय परंपराओं से संबंधित कलात्मक प्रदर्शनी भी आकर्षण का केन्द्र रही।
मुख्य अतिथि डॉ. सुशील कुमार एक्का, ने अत्यंत प्रासंगिक एवं व्यावहारिक शैली में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने जनजातीय संस्कृति, परंपरा, भाषा, रीति-रिवाज, खान-पान तथा जीवन-पद्धति की विशिष्टताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आने वाली पीढ़ियों का दायित्व है कि वे इस सांस्कृतिक धरोहर को संजोकर और संरक्षित कर समाज के समक्ष सुरक्षित रखें। अंत में उन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाए दीं ।
विशिष्ट वक्ता डॉ. पतरस किण्डो, ने अपने वक्तव्य में जनजातीय समाज के विकास, उनकी चुनौतियों, शैक्षिक पिछड़ेपन के कारणों तथा उनके समाधान पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिसके द्वारा जनजातीय समाज को सशक्त, जागरूक एवं मुख्यधारा से जोड़कर उनके सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।
विशिष्ट वक्ता डॉ. बालकिशोर भगत (हिन्दी प्राध्यापक) के.एम.टी. शासकीय कन्या महाविद्यालय रायगढ़ ने “जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए कहा कि जनजातीय समाज की ऐतिहासिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक परंपराएं भारतीय विरासत की अमूल्य निधि हैं। उन्होंने समाज के विभिन्न आयामों पर अत्यंत विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के क्रम में सभी अतिथियों को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अंत में राजनीति विज्ञान की सहायक प्राध्यापिक भोजकुमारी पटेल ने कार्यक्रम के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए समस्त अतिथियों, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों एवं आयोजन समिति का हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया। प्राचार्य महोदय की अनुमति से कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया गया।
इस आयोजन को सफल बनाने में रासेयो कार्यक्रम अधिकारी श्री विविषण सिदार, श्री संतोष कुमार देवांगन एवं श्री अजय कुमार की मत्वपूर्ण भूमिका रही ।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में रासेयो स्वयं सेवक एवं विद्यार्थी भरी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे आयोजन अत्यंत सफल एवं सार्थक सिद्ध हुआ।





टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें