विकासखंड रायगढ़ में कक्षा 1, 2 एवं 3 पढ़ाने वाले शिक्षकों का नवीन पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पाँच दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न

नई शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत विकासखंड रायगढ़ की प्राथमिक शालाओं में कक्षा पहली, दूसरी एवं तीसरी का अध्यापन करने वाले शिक्षकों हेतु नवीन पाठ्यपुस्तकों एवं शिक्षण योजना (टीचिंग प्लान) पर आधारित पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 15 से 20 दिसंबर तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

यह प्रशिक्षण जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. वी. राव के निर्देशन में तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) श्री संजय पटेल एवं विकासखंड स्त्रोत समन्वयक श्री मनोज अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम विकासखंड के चार चयनित प्रशिक्षण केंद्रों में सुचारु रूप से संचालित किया गया।

प्रशिक्षण का संचालन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) धर्मजयगढ़ से प्रशिक्षित एवं अनुभवी मास्टर ट्रेनर्स द्वारा किया गया, जिनमें

श्री रोहितसिदार, श्री पहलाद चौहान, श्रीमती शिव कुमारी कंवर, श्रीमती लता महंत, मीना मैडम सहित अन्य मास्टर ट्रेनर्स शामिल रहे। इन मास्टर ट्रेनर्स द्वारा शिक्षकों को नवीन पाठ्यपुस्तकों की अवधारणा, अध्यापन विधियाँ, गतिविधि आधारित शिक्षण, सीखने के परिणाम (Learning Outcomes) तथा पाठ्यपुस्तकों में निहित सहायक एवं पूरक सामग्री के प्रभावी उपयोग के संबंध में व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

यह प्रशिक्षण प्राथमिक शाला ननसिया, माध्यमिक शाला जुडा प्राथमिक शाला कोतरा एवं माध्यमिक शाला उरदना में प्रतिदिन संचालित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति क्यूआर कोड आधारित प्रणाली के माध्यम से दर्ज की गई, जिससे प्रशिक्षण में पारदर्शिता एवं अनुशासन बना रहा।

प्रशिक्षण के अंतिम दिवस विकासखंड स्त्रोत समन्वयक श्री मनोज अग्रवाल ने प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों के भीतर नैतिक शिक्षा, जीवन मूल्य, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सांस्कृतिक चेतना का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज बच्चों में देश, समाज एवं संस्कृति के प्रति गर्व की भावना विकसित करना समय की मांग है और इसमें शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अतः विषय अध्यापन के साथ-साथ नैतिक एवं जीवन मूल्यों को भी शिक्षा का अभिन्न अंग बनाया जाना चाहिए।

प्रशिक्षण के सफल संचालन में सीएसी उरदना श्री विकास पटेल, सीएसी कोतरा श्री विनोद सिंह, सीएसी लोइंग श्री मनोज गुप्ता का विशेष योगदान रहा। साथ ही सभी प्रशिक्षण केंद्रों के प्रभारी शिक्षकों, सहयोगी स्टाफ एवं प्रतिभागी शिक्षकों का भी सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।

प्रशिक्षण में सम्मिलित शिक्षकों ने इस कार्यक्रम को नई शिक्षा नीति के अंतर्गत लागू नवीन पाठ्यपुस्तकों के प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं बाल-केंद्रित अध्यापन हेतु अत्यंत उपयोगी बताया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

चोरी हुआ ट्रैक्टर घरघोड़ा पुलिस ने जंगल से बरामद किया, चार आरोपी गिरफ्तार