शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा की आराधना में डूबा घरघोड़ा, पाँच जगहों पर विराजित हुईं जगत जननी
नेगीपारा माता मंदिर – आस्था और शक्ति का अद्भुत संगम
नेगीपारा माता मंदिर हर वर्ष नवरात्र और दशहरा पर्व पर विशेष आकर्षण का केंद्र बनता है। यहाँ दूर-दराज़ से हजारों श्रद्धालु पहुँचते हैं। परंपरा के अनुसार, माता स्वयं भक्तों के शरीर में अवतरित होकर अपनी दिव्य शक्ति का अनुभव कराती हैं। इस दौरान देवी प्रभाव में आए श्रद्धालु त्रिशूल को जीभ या हाथ में भेदकर माता की सेवा करते हैं। यह अद्भुत दृश्य भक्तों के लिए आस्था, विश्वास और शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा की महिमा का प्रत्यक्ष प्रमाण बन जाता है।
हनुमान चौक – केदारनाथ धाम की झलक
हनुमान चौक का पंडाल इस बार केदारनाथ धाम की तर्ज पर सजाया गया है। विशाल पंडाल और विद्युत सजावट रात के समय दिव्य आभा बिखेर रही है।
गायत्री मंदिर – मंत्रों और यज्ञों की गूंज
गायत्री परिवार द्वारा यहाँ सप्तशती पाठ, हवन और देवी आराधना से वातावरण पवित्र और भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु यहाँ आकर मानसिक शांति और दिव्य ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं।
ब्लॉक कॉलोनी – गरबा-डांडिया का उत्साह
ब्लॉक कॉलोनी का पंडाल विशालता और आकर्षक लाइटिंग के लिए प्रसिद्ध है। रात्रि में गरबा और डांडिया के कार्यक्रम भक्तिमय माहौल को और जीवंत बना रहे हैं।
नवापारा – परंपरा और संस्कृति की झलक
नवापारा का पंडाल स्थानीय संस्कृति पर आधारित है। ग्रामीण जीवन और परंपरा को दर्शाती सजावट यहाँ की झाँकी को विशिष्ट पहचान दे रही है।
पाँचों स्थानों पर भक्तों का ताँता लगा हुआ है। घरघोड़ा की गलियों में गूंजते “जय माता दी” के जयकारे नगर को शक्ति, आस्था और भक्ति का दिव्य स्वरूप प्रदान कर रहे हैं।






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