घरघोड़ा -


जिले में गोवंश तस्करी का धंधा लगातार सक्रिय होता जा रहा है। लेकिन बीती रात बजरंग दल की सतर्कता और बहादुरी से एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बजरंग दल की टीम ने रात 2 बजे कंचनपुर जंगल के रास्ते से 62 मवेशियों को बूचड़खाने ले जाए जा रहे तस्करों को रंगे हाथ पकड़ा। मौके से 2 लोगों को हिरासत में लिया गया है 3 फरार हो गए।

जंगल के अंधेरे में चल रहा था तस्करी का खेल

सूत्रों के अनुसार, तस्कर आधी रात को कंचनपुर के घने जंगल से मवेशियों का बड़ा झुंड लेकर बूचड़खाने की ओर ले जा रहे थे। इसकी जानकारी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को मिली, जिन्होंने बिना समय गवाएं मौके पर पहुंच कर तस्करों को घेराबंदी कर दबोच लिया।


बड़ी साजिश, बड़े नेटवर्क की आशंका

पकड़े गए तस्करों ने पूछताछ में बताया कि मवेशियों को ओडिशा के लिवरबा इलाके के बूचड़खाने में भेजा जाना था। यह भी जानकारी मिली है कि इस पूरे नेटवर्क में कई जिले शामिल हैं, जिनमें घरघोड़ा, धर्मजयगढ़, लैलूंगा, बाकरुमा जैसे इलाके प्रमुख रूप से इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

पुलिस के सुपुर्द, प्राथमिक FIR दर्ज

पकड़े गए आरोपियों को बजरंग दल ने तुरंत घरघोड़ा थाना पुलिस के हवाले किया, जहां उनके खिलाफ प्राथमिक FIR दर्ज की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी और मुख्य सरगनाओं को भी पकड़ने की कार्यवाही तेज की जाएगी।

            बजरंग दल को मिली बड़ी कामयाबी

बजरंग दल की त्वरित और साहसी कार्रवाई से न केवल 62 मवेशियों की जान बचाई गई, बल्कि एक संगठित गोतस्करी गिरोह के मंसूबों पर पानी फेर दिया गया। इलाके के ग्रामीणों और गोरक्षक संगठनों ने इस कार्य के लिए बजरंग दल की जमकर सराहना की है।

"गोतस्करी नहीं सहेंगे, धर्म की रक्षा करेंगे" – बजरंग दल"

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