*शासकीय महाविद्यालय घरघोड़ा के भूगोल विभाग द्वारा विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण

 शासकीय महाविद्यालय घरघोड़ा के भूगोल विभाग द्वारा विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण 

 
 घरघोड़ । शासकीय महाविद्यालय घरघोड़ा के भूगोल विभाग द्वारा बी.ए. अंतिम वर्ष के 75 विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण ओडिशा के प्रमुख भौगोलिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस भ्रमण का आयोजन भूगोल विभाग विभागाध्यक्ष श्री संतोष देवांगन के नेतृत्व में किया गया तथा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पवन कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में इसे संचालित किया गया।

     इस शैक्षणिक यात्रा में विशेष रूप से श्री नीलकमल निराला , श्री विविषण सिदार , सुश्री भोजकुमारी पटेल एवं सुश्री शिवानी सोनी का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को भौगोलिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था, जिससे उनकी शैक्षणिक समझ को और अधिक गहन बनाया जा सके।


*यात्रा का विवरण*


       विद्यार्थी दल 07 मार्च 2025 को शाम 5:00 बजे महाविद्यालय परिसर से रवाना हुआ और 10 मार्च 2025 को शाम 7:00 बजे सकुशल वापस लौट आए। यह भ्रमण यात्री बस के द्वारा किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने ओडिशा के कई ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व के स्थानों का भ्रमण किया।


 जिसमें पुरी का प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर भारतीय आध्यात्मिक धरोहर का प्रमुख केंद्र है। विद्यार्थियों ने यहां की वास्तुकला और धार्मिक महत्व की जानकारी प्राप्त की।


          चंद्रभागा यह समुद्र तट अपनी स्वच्छता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। विद्यार्थियों ने तटीय भूगोल और समुद्री पर्यावरण से संबंधित तथ्यों को समझा।


   कोणार्क मंदिर सूर्य मंदिर कोणार्क भारतीय स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। यहां विद्यार्थियों ने इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वास्तुशिल्पीय विशेषताओं का अध्ययन किया।


    लिंगराज मंदिर, भुवनेश्वर स्थित यह मंदिर ओडिशा की प्राचीन मंदिर निर्माण शैली का अद्भुत उदाहरण है, जहां विद्यार्थियों को इसकी स्थापत्यकला और धार्मिक महत्व की जानकारी दी गई।


तथा हीराकुंड बांध, संबलपुर यह विश्व के सबसे बड़े बांधों में से एक है। विद्यार्थियों ने गांधी मीनार का भ्रमण किया तथा इस बांध की जलविद्युत उत्पादन प्रक्रिया और इसके क्षेत्रीय प्रभावों का अध्ययन किया।



     इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने न केवल भौगोलिक स्थलों का अवलोकन किया बल्कि उनके पर्यावरणीय, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं को भी समझा। इस यात्रा से उन्हें पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ, जो उनकी भूगोल विषय की समझ को और भी गहरा करेगा।


      महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पवन कुमार अग्रवाल ने इस सफल आयोजन के लिए भूगोल विभाग के सभी सदस्यों एवं सहयोगियों को बधाई दी तथा भविष्य में भी इस तरह के शैक्षणिक भ्रमणों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

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