जनजातीय गौरव दिवस पर शासकीय महाविद्यालय घरघोड़ा में हुआ एक दिवसीय संगोष्ठी कार्यक्रम


जनजातीय गौरव दिवस पर शासकीय महाविद्यालय घरघोड़ा में हुआ एक दिवसीय संगोष्ठी कार्यक्रम



        घरघोड़ा। शासकीय महाविद्यालय घरघोड़ा  के प्राचार्य डॉ.पी.के.अग्रवाल के कुशल मार्गदर्शन में जनजातीय गौरव भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में "जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत" विषय पर दिनांक 14/11/2024  को  एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन कराया गया। 

    कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.अग्रवाल जी द्वारा की गई, कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री भयभंजन बेहरा जी को आमंत्रित किया गया था, अन्य वक्ताओ में डॉ. राधेश्याम यादव जी एवं श्री रमेश बेहरा जी उपस्थित थे। कार्यक्रम का आरंभ सरस्वती पूजन, दीप प्रज्वलन एवं राजकीय गीत के साथ शुरू हुआ। कार्यक्रम का मंच संचालन कर रहे डॉ.चंद्रशेखर सिंह जी ने अतिथियों और वक्ताओं का अभिवादन किया तथा महाविद्यालय के स्टॉफ  व विद्यार्थियों के द्वारा पुष्पहार से स्वागत किया गया। डॉ. सिंह ने अतिथियों का परिचय कराया तथा कार्यक्रम की सामान्य जानकारी से विद्यार्थियों को अवगत कराया। तत्पश्चात कार्यक्रम की  अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ. अग्रवाल जी ने जनजातीय गौरव  दिवस के महत्व और इस आयोजन की उपयोगिता को बतलाते हुए  वक्ताओं का अभिवादन किया।

         श्री भयभंजन बेहरा जी ने अपने व्याख्यान में  जनजातीय गौरव के रूप में पहचाने जाने वाले अनेक महान विभूतियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे इस देश के महान वीर जनजातीय वीरों ने अपनी कुर्बानी देकर देश को आजादी दिलाने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई,। विदित हो 15 नवंबर  2024 को  भगवान बिरसा मुंडा  की 150 वीं जयंती मनाई जा रही है। उन्हीं की याद में देश भर में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

       श्री बेहरा जी ने अपने वक्तव्य में सभी जनजातीय वीरों के बारे में बताया जिसमें  रानी दुर्गावती, वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधुर, रानी गाइदिन्ल्यू ,भीमा नायक , बुद्धु भगत, तिलगा मांझी जैसे अनेक जनजातीय वीरों के बारे में बताया।

      डॉ. राधेश्याम यादव जी ने अपने व्याख्यान में बताया कि हमें देश के महान वीरों का हमेशा ऋणी होना चाहिए, उनके बलिदान से ही हमें अपनी आजादी की पहचान मिली है। ऐसे आयोजन देश के वीरों को सच्ची श्रद्धांजलि है। श्री रमेश बेहरा जी ने दर्शक दीर्घा में बैठे सभी श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश के विकास के लिए ऐसे नेताओं की आवश्यकता है जो निस्वार्थ भाव से देश की सेवा कर सके,, देश के मिट्टी से जुड़ा हुआ व्यक्ति ही देश की सच्ची सेवा कर सकता है।

             जनजातीय गौरव दिवस के इस कार्यक्रम में महाविद्यालय प्रांगण में भव्य प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया था जिसमें अनेक जनजातीय वीरों की जीवनी को दीवार में प्रदर्शित किया गया था। अतिथियों के द्वारा इस प्रदर्शनी की विशेष प्रशंसा की गई।  इस कार्यक्रम के अवसर पर महाविद्यालय में रंगोली प्रतियोगिता, प्रश्नावली प्रतियोगिता तथा लोकनृत्य का भी आयोजन रखा गया था। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य तथा अतिथियों द्वारा उक्त विधाओं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय आने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र तथा मेडल देकर पुरस्कृत किया गया तत्पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर आभार व्यक्त किया। डॉ. श्रीमती श्रुति श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का अंत करते हुए सभी का आभार व्यक्त कर कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।

       महाविद्यालय के इस सफल आयोजन में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ. वाई.के.चंद्रा, श्रीमती अदिति गौतम, डॉ. रेणु कुजूर, श्री एस.के.देवांगन श्री नीलकमल निराला, श्री अजय कुमार, श्री विभीषण सिदार, श्री चंद्रमणि पैकरा एवं सुश्री भोजकुमारी पटेल ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई इसके अतिरिक्त एन.एस.एस. के सभी स्वयंसेवकों ने भी अपना बहुमूल्य योगदान दिया।

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